Big-Breaking: पंजाब की राजनीति में 'महा-विस्फोट': राघव चड्ढा भाजपा में होंगे शामिल; AAP के 2/3 सांसदों के विलय का दावा

Big-Breaking: पंजाब की राजनीति में 'महा-विस्फोट': राघव चड्ढा भाजपा में होंगे शामिल; AAP के 2/3 सांसदों के विलय का दावा

A big explosion in Punjab politics

A 'big explosion' in Punjab politics

चंडीगढ़। पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेस आयोजित कर आप से इस्तीफा देने का एलान किया है। राघव चड्ढा सहित दो और सांसद बीजेपी ज्वाइन करेंगे। संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सांसद राघव चड्ढा ने कहा, "हमने फैसला किया है कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के हम दो-तिहाई सदस्य भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए भाजपा में विलय कर लेंगे।"

सांसद राघव चड्ढा ने कहा, "जिस आम आदमी पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटक गई है। अब यह पार्टी राष्ट्र के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी लाभ के लिए काम करती है... पिछले कुछ वर्षों से मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूँ। इसलिए, आज हम घोषणा करते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी से अलग हो रहा हूँ और जनता के करीब आ रहा हूं।

पहले में चार्टर्ड अकाउंटेंट था: राघव चड्ढा

राघव चड्डा ने प्रेस कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में आने से पहले मैं एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) था। मेरे साथ इस मंच पर विभिन्न क्षेत्रों के लोग थे, जिनमें कुछ वैज्ञानिक और कुछ शिक्षाविद भी थे। आज आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने वालों में एक विश्व स्तरीय क्रिकेटर, पद्म श्री पुरस्कार विजेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। इन सभी लोगों ने सब कुछ त्याग दिया और भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के संकल्प के साथ इस पार्टी की स्थापना की।

आगे सांसद ने कहा कि मैं इस पार्टी का संस्थापक सदस्य था और शायद ही कोई इसे मुझसे बेहतर जानता हो। पूर्ण प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ हमने मिलकर दिल्ली में पार्टी का निर्माण किया। पंजाब में इसे बनाया और अन्य राज्यों में इसका विस्तार करने का प्रयास किया।

लेकिन आज, बड़े दुख, पीड़ा और शर्म के साथ मैं कहता हूं कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने के संकल्प के साथ गठित यह पार्टी अब भ्रष्ट और समझौतावादी व्यक्तियों के हाथों में बुरी तरह फंसी हुई है। यही कारण है कि राष्ट्र की सेवा करने के लिए आम आदमी पार्टी में शामिल होने वाला प्रत्येक देशभक्त या तो पार्टी छोड़ चुका है या एक-एक करके छोड़ रहा है।”